जाकिर खान काशी पहुंचे: घाटों पर बोटिंग, चाय पी, फैंस ने घेरा सेल्फी के लिए
वाराणसी, 18 जनवरी 2026: स्टैंड-अप कॉमेडी के बादशाह जाकिर खान शनिवार को काशी पहुंचे। गंगा के घाटों पर बोटिंग की, चाय-बिस्कुट का स्वाद चखा और आम लोगों की तरह घूमते नजर आए। चेहरा ढकने की कोशिश की, लेकिन फैंस ने पहचान कर सेल्फी की होड़ मचा दी। जाकिर ने कहा, काशी का वातावरण आत्मिक सुकून देता है।
गंगा घाटों पर सादगी से समय बिताया
जाकिर खान काशी के घाटों पर रचित गुप्ता के साथ घूमने पहुंचे। रचित ने उन्हें काशी के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के बारे में बताया। व्यस्त शूटिंग शेड्यूल और यात्राओं के बीच जाकिर ने कहा कि काशी आने पर अद्भुत शांति मिलती है। घाटों की आरतियां, गंगा की धारा और वातावरण उन्हें बार-बार खींच लाता है।
कॉमन मैन की तरह चाय की चुस्की ली, बिस्कुट खाया। फैंस ने घेर लिया। जाकिर ने मुस्कुराते हुए सभी के साथ फोटो खिंचवाई। उनकी यह सादगी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
इंदौर से कॉमेडी की दुनिया तक का सफर
जाकिर का जन्म इंदौर के बंबई बाजार में राजस्थानी मुस्लिम परिवार में हुआ। घर संगीत से भरा था। दादा उस्ताद मोइनुद्दीन खान आकाशवाणी में सारंगी वादक थे। पिता इस्माइल खान संगीत शिक्षक हैं। जाकिर सितार भी बजाते हैं।
रेडियो जॉकी बनने का सपना लेकर 2008 में दिल्ली आए। रेडियो कोर्स किया, प्राइवेट चैनल में तीन महीने इंटर्नशिप की, लेकिन नौकरी न मिली। निराश होकर इंदौर लौटे।
कॉमेडी सेंट्रल से अमेजन प्राइम तक
2012 में कॉमेडी सेंट्रल के ‘भारत के सर्वश्रेष्ठ स्टैंड-अप कॉमेडियन’ का खिताब जीता। पहचान बन गई। 2017 में अमेजन प्राइम पर पहला स्पेशल ‘हक से सिंगल’ रिलीज। 2018 में ‘कक्षा ग्यारहवीं’, 2022 में ‘तथास्तु’ और उसी साल चौथा शो ‘मनपसंद’ लॉन्च किया।
जाकिर खान अब स्टैंड-अप कॉमेडियन, लेखक, कवि, प्रस्तुतकर्ता और अभिनेता के रूप में देशभर में मशहूर हैं। काशी यात्रा के दौरान भी वही सादगी देखने को मिली जो उनके शो में झलकती है।
फैंस के बीच खास पहचान
काशी के घाटों पर जाकिर की मौजूदगी ने फैंस में उत्साह भर दिया। युवाओं का सबसे पसंदीदा कॉमेडियन बन चुके जाकिर ने कहा कि वे सुकून के पल बिताने आए हैं। उनकी यह यात्रा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
















