कानपुर में ठंड का कहर: हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक से 100+ मौतें!
सात दिन में 100 से ज्यादा मौतें, अस्पताल पर दबाव
कानपुर में कड़ाके की ठंड ने लोगों की जान लेना शुरू कर दिया है। कार्डियोलॉजी अस्पताल से मिले आंकड़ों के अनुसार पिछले सात दिनों में हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के कारण 100 से अधिक लोगों को मृत अवस्था में ही अस्पताल लाया गया। ये आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं।
ठंडी हवाओं के बीच दिल और दिमाग से जुड़ी गंभीर बीमारियों के केसों में अचानक तेजी आई है। सर्दी का असर खासकर बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर ज्यादा पड़ रहा है। अस्पताल पहुंचने से पहले ही कई लोगों की जान चली गई।
500 भर्ती, 6500 OPD – मरीजों की लंबी कतारें
इंडिया टुडे/आजतक को प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस सात दिवसीय अवधि में 500 से अधिक मरीजों को कार्डियोलॉजी अस्पताल में भर्ती किया गया। वहीं OPD में करीब 6,500 मरीजों का इलाज हुआ। अस्पताल के बाहर मरीजों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
सुबह से शाम तक डॉक्टरों के पास मरीजों का तांता लगा रहता है। इमरजेंसी वार्ड में तो जगह की कमी हो गई है। ठंड के कारण सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द और ब्लड प्रेशर की समस्या के केस सबसे ज्यादा आ रहे हैं।
कार्डियोलॉजी अस्पताल पर भारी बोझ
बढ़ते मरीजों की संख्या से स्वास्थ्य सेवाओं पर जबरदस्त दबाव पड़ गया है। कार्डियोलॉजी अस्पताल जो पहले सामान्य चल रहा था, अब पूरी क्षमता से काम कर रहा है। स्टाफ नर्सों और डॉक्टरों को ओवरटाइम करना पड़ रहा है।
अस्पताल प्रशासन ने जिला स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराया है। मरीजों को समय पर बेड और दवाइयां मिल रही हैं लेकिन हालात चिंताजनक हैं। ठंड बढ़ने के साथ-साथ केसों में और इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है।
डॉ. राकेश वर्मा की चेतावनी
कार्डियोलॉजी अस्पताल के निदेशक राकेश वर्मा ने बताया कि सर्दियों के मौसम में हार्ट ब्लॉकेज के मामलों में हमेशा इजाफा होता है। ठंड के कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं जिससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
उन्होंने कहा कि सीने में दर्द, पेट में तकलीफ, सांस फूलना या किसी भी तरह की असहजता को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। देर करने से स्थिति जानलेवा हो सकती है।
लोगों से तुरंत इलाज की अपील
डॉ. वर्मा ने कानपुरवासियों से अपील की है कि छोटी-मोटी परेशानी को भी हल्के में न लें। ठंड के मौसम में हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। खासकर डायबिटीज, हाई BP वाले मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
उन्होंने सलाह दी कि गर्म कपड़े पहनें, हल्का व्यायाम करें, धूम्रपान-शराब से दूर रहें और डॉक्टर की सलाह बिना इलाज न छोड़ें। समय पर अस्पताल पहुंचना जान बचा सकता है।
ठंड में हार्ट अटैक क्यों बढ़ता है?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ठंड में शरीर गर्मी बचाने के लिए रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देता है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और हृदय को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। कोलेस्ट्रॉल जमा होने से आर्टरी ब्लॉक हो जाती है।
ब्रेन स्ट्रोक में भी ठंड का बड़ा रोल है। खून के थक्के बनने की संभावना बढ़ जाती है। कानपुर में अभी पारा 6-8 डिग्री के आसपास है जो खतरनाक स्तर है।
अस्पताल की तैयारी
कार्डियोलॉजी अस्पताल ने इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत किया है। एंबुलेंस 24 घंटे अलर्ट पर हैं। OPD टाइम बढ़ाया गया है। स्टाफ को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। फिर भी मरीजों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बेड की जरूरत है।
जिला प्रशासन ने हेल्थ हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। लोग इन नंबर्स पर कॉल करके सलाह ले सकते हैं।
लोगों को सावधान रहने की जरूरत
कानपुर में ठंड का दौर अभी लंबा चलेगा। डॉक्टरों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में केस और बढ़ सकते हैं। इसलिए सभी को सतर्क रहना होगा। खासकर सुबह-शाम की सर्दी से बचें।
हार्ट पेशेंट्स दवाइयां समय पर लें। रोज व्यायाम करें। गर्म पानी ज्यादा पिएं। भारी काम न करें। कोई लक्षण दिखे तो तुरंत अस्पताल जाएं।
















