बांदा POCSO कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: 33 बच्चों से दरिंदगी करने वाले जेई रामभवन-दुर्गावती को फांसी की सजा, डार्क वेब पर बेचे वीडियो
बांदा/चित्रकूट, 21 फरवरी 2026: उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। सिंचाई विभाग के निलंबित जूनियर इंजीनियर रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती ने 33 मासूम बच्चों के साथ सालों तक यौन शोषण किया और उनके अश्लील वीडियो डार्क वेब पर विदेशों में बेचे। बांदा की विशेष POCSO कोर्ट ने 20 फरवरी को दोनों को फांसी की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने क्या कहा?
विशेष न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्रा ने फैसला सुनाते हुए कहा कि यह अपराध दुर्लभ से दुर्लभतम श्रेणी में आता है। दोनों दोषियों को मरते दम तक फंदे पर लटकाया जाए। कोर्ट ने हर पीड़ित बच्चे को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
कैसे चला ये खौफनाक सिलसिला?
रामभवन चित्रकूट में किराए के मकान में रहता था। पत्नी दुर्गावती गरीब परिवारों के बच्चों को मोबाइल, चॉकलेट और गिफ्ट्स का लालच देकर घर बुलाती। घर का दरवाजा बंद होते ही मासूमियत छीन ली जाती। विरोध करने पर ब्लैकमेल और परिवार को धमकी। यह सिलसिला 2010 से 2020 तक चला।
रामभवन ने इसे बिजनेस बना लिया। वीडियो डार्क वेब पर 47 देशों में बेचे गए। 17 अक्टूबर 2020 को इंटरपोल के जरिए CBI को सूचना मिली। 16 नवंबर को छापा पड़ा। घर से 8 मोबाइल, लैपटॉप, पेन ड्राइव, 8 लाख नकद और सेक्स टॉयज बरामद हुए। दोनों गिरफ्तार।
जांच और गवाही का दर्द
CBI ने 74 गवाह पेश किए। 25 पीड़ित बच्चों की गवाही और AIIMS दिल्ली की मेडिकल रिपोर्ट ने सबको हिला दिया। कई बच्चों में स्थायी शारीरिक और मानसिक चोटें पाई गईं। 24 फरवरी 2021 को चार्जशीट दाखिल हुई। 2023 में आरोप तय हुए। सुनवाई के दौरान 163 पन्नों का फैसला तैयार किया गया।
समाज के लिए संदेश
यह फैसला सिर्फ दोषियों की सजा नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। गरीबी बच्चों को आसान शिकार बनाती है और डिजिटल अंधेरा कितना खतरनाक हो सकता है। ऐसे अन्य अपराध मामलों में भी अब देखना होगा कि प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है।
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जानकारी: Aaj Tak रिपोर्ट, News18।














