उत्तर प्रदेश से एक ऐसी खबर आई है जो पढ़कर रूह काँप जाती है। एक माँ जो दो दिन से भूखी थी, उसने पड़ोसी से एक किलो आटा माँगा। इस छोटी सी बात पर ससुराल वालों ने उसे चरित्रहीन कहकर पीटा और घर से निकाल दिया। Police ने भी घरेलू विवाद समझकर लौटा दिया। घर में ताला लगा मिला। पति ने भी मुँह फेर लिया। और फिर उस बेबस माँ ने अपने दो मासूम बच्चों के साथ Train के सामने कूदकर जान दे दी।
कौन थी मीनू और क्या था उसका दर्द?
जनसा थाना क्षेत्र के भदया हाथी गाँव के अंगद पटेल की बेटी मीनू की उम्र 30 साल थी। सात साल पहले उसकी शादी हरसोस गाँव के विकास पटेल से हुई थी। मीनू के दो बेटे थे, 6 साल का विप्लव और 4 साल का विपुल।
पति विकास सूरत में Private Company में काम करता था। मीनू के भाई कमलेश ने Police को बताया कि विकास अपनी पत्नी पर हमेशा शक करता था और Phone पर उसे परेशान करता रहता था। बच्चों के पालन-पोषण के लिए भी वह पैसे नहीं भेजता था। ससुराल के बाकी लोग भी मीनू को लगातार प्रताड़ित करते थे।
आटा माँगना बना जुर्म
दो दिन से भूखी मीनू ने पड़ोसी से एक किलो आटा माँगा। बस इतनी सी बात पर ससुराल वालों ने उसे चरित्रहीन कहकर पीटा। मंगलवार की सुबह सास सुदामा देवी, ससुर लोदी पटेल और जेठानी रेशमा ने मीनू को मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया।
Police गई, आश्वासन दिया और लौटा दिया
प्रताड़ित मीनू जनसा थाने की महिला Helpdesk पर शिकायत लेकर पहुँची। Police ने मामले को घरेलू विवाद मानकर कार्रवाई का आश्वासन दिया और उसे घर भेज दिया।
घर पहुँचने पर मीनू ने देखा कि ससुराल वालों ने उसके कमरे में ताला लगा दिया है। घर में घुसने नहीं दिया गया। उसने पति विकास को फोन करके सब बताया लेकिन उसने भी मदद करने से साफ इनकार कर दिया।
मायके वाले भी भगाए गए
मीनू की खबर सुनकर मायके के लोग पहुँचे तो ससुराल वालों ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें भी भगा दिया। चारों तरफ से दरवाजे बंद हो चुके थे। न घर था, न पति का साथ, न मायके की मदद हो पाई, न Police की कार्रवाई हुई।
इस हालत में मीनू ने अपने दोनों मासूम बच्चों के साथ Train के सामने कूदकर जान दे दी। माँ और दोनों बच्चों का क्षत-विक्षत शव देखकर लोगों की रूह काँप उठी।
Case की मुख्य जानकारी एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मृतका का नाम | मीनू पटेल, उम्र 30 साल |
| मृत बच्चे | विप्लव (6 साल) और विपुल (4 साल) |
| पति का नाम | विकास पटेल, सूरत में कार्यरत |
| घटना स्थान | हरसोस गाँव, जनसा थाना, UP |
| प्रताड़ना की वजह | पड़ोसी से आटा माँगना |
| आरोपी | सास सुदामा देवी, ससुर लोदी पटेल, जेठानी रेशमा, पति विकास |
| Police की कार्रवाई | सास-ससुर और जेठानी हिरासत में |
| FIR | भाई कमलेश की तहरीर पर दर्ज |
चार लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
मीनू के भाई कमलेश की तहरीर पर जनसा थाने में सास सुदामा देवी, ससुर लोदी पटेल, जेठानी रेशमा और पति विकास पटेल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। Police ने सास-ससुर और जेठानी को हिरासत में ले लिया है।
जनसा थानाध्यक्ष दुर्गा सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाएगा।
ग्रामीणों का सवाल: काश Police मौके पर आ जाती
हरसोस गाँव के ग्रामीणों ने जो बात कही वो दिल को झकझोर देती है। उनका कहना था कि अगर Police सिर्फ आश्वासन देने की बजाय मौके पर आ जाती या सास-ससुर को थाने बुलाकर समझा देती तो शायद मीनू और उसके दोनों मासूम बच्चे आज जीवित होते।
एक महिला थाने जाकर मदद माँगती है और उसे खाली हाथ लौटा दिया जाता है। यह घटना System की उस बड़ी खामी की तरफ इशारा करती है जो अक्सर घरेलू हिंसा को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देती है।
अगर आप या आपके आसपास कोई मानसिक रूप से परेशान है या घरेलू हिंसा का शिकार है तो iCall Helpline: 9152987821 या Women Helpline: 1091 पर सम्पर्क करें।










