युद्ध की आग रसोई तक पहुँची! तेल-गैस के बाद अब दूध-पनीर की सप्लाई भी खतरे में, खाली हो सकते हैं फ्रिज
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ता तनाव अब सिर्फ रक्षा और कूटनीति का मामला नहीं रहा। इसकी आँच धीरे-धीरे आम आदमी की थाली तक पहुँचने लगी है। तेल और LPG गैस के बाद अब दूध, पनीर और डेयरी उत्पाद भी इस संकट की जद में आते दिख रहे हैं।
Hormuz Strait बंद हुआ तो फ्रिज हो जाएंगे खाली
Hormuz Strait दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है। खाड़ी देशों के लिए यही वो मार्ग है जो उन्हें बाकी दुनिया से जोड़ता है। अगर इस रास्ते पर रुकावट आई, तो खाड़ी देशों के सुपरमार्केट और घरों के रेफ्रिजरेटर खाली होने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा।
विशेषज्ञों की चेतावनी है कि समुद्री आवाजाही प्रभावित होने की स्थिति में दूध, पनीर और अन्य Dairy Products की सप्लाई पर गंभीर असर पड़ सकता है।
मिडिल ईस्ट करता है अरबों डॉलर का Dairy आयात
मध्य पूर्व वो इलाका है जहाँ डेयरी उत्पादों की खपत बहुत ज्यादा है लेकिन उत्पादन बेहद कम। यही वजह है कि यह पूरा क्षेत्र Dairy Supply के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार पर टिका हुआ है।
साल 2024 में मध्य पूर्व ने करीब 13 लाख टन डेयरी उत्पादों का आयात किया। इसकी कुल कीमत लगभग 4.2 अरब डॉलर रही। यह आँकड़ा बताता है कि जरा-सी रुकावट भी यहाँ के खाद्य बाजार को कितना हिला सकती है।
कौन से देश सबसे ज्यादा खतरे में हैं?
खाड़ी क्षेत्र के कई देश डेयरी उत्पादों के बड़े आयातक हैं। सबसे आगे है सऊदी अरब, जो हर साल करीब 2.1 अरब डॉलर के Dairy Products बाहर से मंगाता है।
इसके बाद UAE का नंबर आता है जो लगभग 1.5 अरब डॉलर का आयात करता है। इराक, कुवैत, ओमान, बहरीन और कतर भी बड़े पैमाने पर दूध, पनीर और अन्य उत्पाद बाहर से खरीदते हैं।
ईरान खुद Dairy का बड़ा आयातक नहीं है, लेकिन Hormuz Strait उसकी सीमा से लगा हुआ है। यही भौगोलिक स्थिति पूरे खाड़ी क्षेत्र के लिए खतरे की वजह बन रही है।
UAE बना पूरे क्षेत्र का सबसे बड़ा Dairy बाजार
Gulf Cooperation Council यानी GCC देशों ने मिलकर 2024 में करीब 2.7 अरब डॉलर के Dairy Products का आयात किया। इस पूरी रकम में अकेले UAE की हिस्सेदारी करीब 43 प्रतिशत रही।
यह आँकड़ा UAE को GCC का सबसे बड़ा Dairy बाजार बनाता है। संकट की स्थिति में यही देश सबसे पहले और सबसे ज्यादा प्रभावित होगा।
इन तीन चीजों पर सबसे बड़ा खतरा
विशेषज्ञों के मुताबिक अगर समुद्री रास्तों में रुकावट आई, तो तीन उत्पाद सबसे पहले संकट में आएंगे। ये हैं Whole Milk Powder, पनीर और Condensed Milk।
ये तीनों मिलकर मध्य पूर्व के कुल Dairy आयात का लगभग 68 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं। यानी Supply Chain टूटी तो इन्हीं चीजों की सबसे पहले किल्लत होगी।
Cape of Good Hope का चक्कर बढ़ाएगा लागत और देरी
Hormuz Strait बंद होने की स्थिति में जहाजों को अफ्रीका के दक्षिणी छोर यानी Cape of Good Hope का लंबा रास्ता अपनाना पड़ेगा। यह रास्ता न सिर्फ हजारों किलोमीटर लंबा है बल्कि समय और खर्च दोनों को कई गुना बढ़ा देता है।
Shipping की लागत बढ़ने का असर सीधे उत्पादों की कीमतों पर पड़ेगा। आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ना तय है।
यह सिर्फ खाड़ी देशों की समस्या नहीं है
जो लोग सोच रहे हैं कि यह संकट सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित रहेगा, वो गलत हो सकते हैं। Global Supply Chain इस तरह जुड़ी हुई है कि एक जगह हुई रुकावट का असर दूर-दूर तक जाता है।
भारत जैसे देश भी जो खाड़ी देशों के साथ बड़े पैमाने पर व्यापार करते हैं, उन पर भी इसका अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है। फिलहाल हालात नाजुक हैं और हर एक दिन का घटनाक्रम अहम है।














