BREAKING :

Indian Railways Safety Boost: ट्रेनों में लगी मेटल प्लेट, ट्रैक पर पत्थरों से हादसे रोकने की पहल

Nayi News Today female journalist with NNT mic and ID in newsroom background
On: February 9, 2026 6:27 PM
Follow Us:
indian-railways-metal-plate-track-safety-system

Indian Railways Safety Boost: ट्रेनों के आगे लगी मेटल प्लेट, ट्रैक पर पत्थरों से हादसे रोकने की नई पहल

नई दिल्ली | रेलवे डेस्क | अपडेटेड: फरवरी 2026

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने ट्रैक पर पत्थर, मलबा या अन्य अवरोधों के कारण होने वाले संभावित हादसों को रोकने के लिए एक नया सुरक्षा कदम उठाया है। इसके तहत लोकोमोटिव के आगे एक विशेष मेटल प्लेट मैकेनिज्म लगाया जा रहा है, जो ट्रेन के गुजरने से पहले ट्रैक पर मौजूद छोटी बाधाओं को हटाने में मदद करेगा।

क्यों पड़ी इस सिस्टम की जरूरत

रेलवे अधिकारियों के अनुसार कई बार ट्रैक पर जानबूझकर या अनजाने में रखे गए पत्थर और अन्य वस्तुएँ तेज रफ्तार ट्रेनों के लिए खतरा बन जाती हैं। छोटी दिखने वाली ये बाधाएँ भी अधिक गति पर गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकती हैं और कुछ मामलों में डिब्बों या इंजन को नुकसान पहुँचा सकती हैं।

नए मेटल प्लेट सिस्टम का उद्देश्य ऐसे ही अवरोधों को पहले ही धकेल कर हटाना है, ताकि ट्रेन के पहियों और महत्वपूर्ण पुर्जों पर उनका असर न पड़े।

टेस्टिंग का वीडियो हुआ वायरल

सोशल मीडिया पर इस तकनीक की टेस्टिंग से जुड़ा एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि ट्रेन के आगे लगी प्लेट ट्रैक पर रखे पत्थरों को प्रभावी ढंग से किनारे कर देती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह प्रणाली उन इलाकों में विशेष रूप से उपयोगी मानी जा रही है, जहाँ ट्रैक अवरोध की घटनाएँ सामने आती रही हैं।

दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्क में सुरक्षा का महत्व

भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है, जहाँ प्रतिदिन करोड़ों यात्री सफर करते हैं। इतने बड़े पैमाने पर छोटी से छोटी सुरक्षा सुधार भी व्यापक प्रभाव डालती है। इस नई पहल को रेलवे की सुरक्षा प्रणालियों के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अधिकारियों का मानना है कि यह मैकेनिज्म दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के साथ-साथ यात्रियों के भरोसे को भी मजबूत करेगा।

आधिकारिक जानकारी का इंतजार

फिलहाल इस प्रणाली के तकनीकी मानकों और इसके व्यापक उपयोग को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। रेलवे की ओर से आने वाले दिनों में इस पहल से जुड़े दिशा-निर्देश और परीक्षण परिणाम साझा किए जा सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह प्रणाली बड़े स्तर पर लागू होती है तो ट्रैक सुरक्षा के क्षेत्र में यह एक व्यावहारिक और प्रभावी समाधान साबित हो सकती है।

नोट: यह समाचार उपलब्ध रिपोर्ट्स और सार्वजनिक रूप से प्रसारित जानकारी पर आधारित है। आधिकारिक पुष्टि के बाद और विवरण जोड़े जा सकते हैं।

This article is published by Nayi News Today — an independent digital platform covering viral and trending stories from the internet and social media. We do not claim verification of any content and only share information intended for public awareness.

Join WhatsApp

Join Now

Follow Instagram

Follow Now

Leave a Comment